Infosys Share Buyback: ₹18,000 करोड़ की वापसी से शेयरहोल्डर्स को होगा फायदा
आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी इंफोसिस अपने इतिहास का सबसे बड़ा बायबैक करने जा रही है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह 10 करोड़ शेयर ₹1,800 प्रति शेयर के रेट पर खरीदेगी। कुल बायबैक साइज ₹18,000 करोड़ है।
यह बायबैक 20 नवंबर से 26 नवंबर 2025 के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा। रिकॉर्ड डेट 14 नवंबर तय की गई थी, यानी जिन निवेशकों ने इस तारीख से पहले शेयर अपने डीमैट में रखे थे—वे इस बायबैक के लिए पात्र हैं।
शेयर बायबैक क्या होता है?
शेयर बायबैक वह प्रक्रिया है जिसमें कंपनी अपने ही शेयर बाजार से शेयर वापस खरीदती है। इसके कई फायदे हैं:
✔ 1. शेयरों की संख्या कम → EPS बढ़ता है
कम शेयर बचे होने पर प्रति शेयर कमाई ज्यादा दिखती है, जिससे शेयर का मूल्य बढ़ सकता है।
✔ 2. अतिरिक्त कैश का उपयोग
जब कंपनी के पास जरूरत से ज्यादा कैश हो, तो वह उसे शेयरहोल्डर्स को रिटर्न के रूप में वापिस करती है।
✔ 3. निवेशकों को कंपनी की मजबूती का संदेश
बायबैक से कंपनी यह दिखाती है कि उसे अपने भविष्य पर भरोसा है और उसे लगता है कि शेयर अंडरवैल्यूड हैं।
इस बार इंफोसिस बायबैक क्यों कर रही है?
कंपनी के अनुसार:
“हमारे पास भविष्य की जरूरतों से अधिक अतिरिक्त कैश मौजूद है। इसे बैंक में रखे रहने की बजाय हम शेयरधारकों को वापस कर रहे हैं।”
कम इक्विटी बेस के कारण आने वाले समय में EPS बढ़ेगा, डिविडेंड देने की क्षमता भी मजबूत होगी। कंपनी ने संकेत दिए हैं कि वह स्पेशल डिविडेंड पर भी विचार कर सकती है।
इंफोसिस के पिछले बायबैक (राशि करोड़ रुपये में)
| साल | बायबैक साइज |
|---|---|
| 2017 | ₹13,000 |
| 2019 | ₹8,260 |
| 2021 | ₹9,200 |
| 2022–23 | ₹9,300 |
| 2025 | ₹18,000 (सबसे बड़ा) |
शेयर पर असर: एक साल में 15% गिरावट
19 नवंबर को इंफोसिस का शेयर 3.67% उछलकर ₹1,541 पर बंद हुआ।
लेकिन पिछले एक साल में यह 15.55% गिर चुका है।
फिलहाल कंपनी की मार्केट कैप लगभग ₹6.4 लाख करोड़ है।
इंफोसिस की कहानी: 250 डॉलर से लेकर ग्लोबल आईटी लीडर तक
✔ 1981 में हुई शुरुआत
इंफोसिस की स्थापना नारायण मूर्ति ने अपने साथियों के साथ सिर्फ 250 डॉलर (आज के लगभग ₹22,000) से की थी।
✔ अब 56 देशों में 1,900 ग्राहक
कंपनी के आज दुनिया भर में करीब 1,900 ग्राहक और 13 सब्सिडियरी कंपनियां हैं।
✔ नेतृत्व
संस्थापक: नारायण मूर्ति
CEO व MD: सलील पारेख
लीड इंडिपेंडेंट डायरेक्टर: डी. सुंदरम

नई तिमाही के नतीजे (जुलाई–सितंबर)
नेट प्रॉफिट: 13.2% बढ़कर ₹7,364 करोड़
रेवेन्यू: 8.6% बढ़कर ₹44,490 करोड़
ये नतीजे दिखाते हैं कि कंपनी कठिन बाजार परिस्थितियों में भी स्थिर वृद्धि जारी रखे हुए है।
निष्कर्ष
इंफोसिस का ₹18,000 करोड़ का बायबैक निवेशकों के लिए एक बड़ा सकारात्मक संकेत है।
कम शेयर, मजबूत EPS और संभावित डिविडेंड वृद्धि — सभी फैक्टर्स कंपनी की वैल्यू को आने वाले समय में बेहतर बना सकते हैं।
