बीसलपुर बांध लबालब होने को तैयार: पहली बार जुलाई में खुलेंगे गेट, राजस्थान को मिलेगी राहत!

राजस्थान की जीवनरेखा माने जाने वाले बीसलपुर बांध के लिए यह मॉनसून सीजन अब तक बेहद शानदार रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण बांध तेजी से अपनी पूर्ण भराव क्षमता की ओर बढ़ रहा है। आज, 21 जुलाई 2025 को, बांध का जलस्तर अपने ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है, और प्रशासन ने गेट खोलने की तैयारियां तेज कर दी हैं। यह पहली बार होगा जब बीसलपुर बांध के गेट जुलाई महीने में खोले जाएंगे, जो लाखों लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है।
मुख्य अपडेट्स:
- जलस्तर: 315.26 आरएल मीटर (कुल क्षमता का लगभग 95% से अधिक)
- त्रिवेणी का गेज: त्रिवेणी नदी (जहां बनास, खारी और डाई नदियाँ मिलती हैं) का गेज अभी भी 3 मीटर से अधिक पर चल रहा है, जो बांध में लगातार पानी की आवक सुनिश्चित कर रहा है।
- जुलाई में पहली बार: बांध के इतिहास में यह पहला मौका होगा जब जुलाई माह में इसके गेट खोले जाएंगे। इससे पहले, बांध आमतौर पर अगस्त या सितंबर में भरता था।
- गेट खोलने की तैयारी: जल संसाधन विभाग ने गेट खोलने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मंगलवार, 22 जुलाई को सुबह 10:00 बजे जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत की उपस्थिति में बांध के गेट खोले जाएंगे।
आम जनता और प्रशासन पर प्रभाव (Impact on Public and Administration): बांध के लबालब होने और गेट खुलने की संभावना से लाखों लोगों में खुशी की लहर है। हालांकि, प्रशासन ने बांध के डाउनस्ट्रीम (downstream) में स्थित 54 गांवों में हाई अलर्ट (high alert) जारी किया है और लोगों से नदी के किनारे से दूर रहने की अपील की है। बनास नदी के किनारों पर बसे किसानों ने भी अपना सामान समेटना शुरू कर दिया है। मिट्टी डालकर बनास मार्ग को भी बंद किया गया है ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
यह ऐतिहासिक घटना न केवल पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी, बल्कि यह मॉनसून (Monsoon) की अच्छी सक्रियता और जल प्रबंधन (water management) के प्रयासों की सफलता को भी दर्शाती है।
भविष्य की संभावनाएं और चुनौतियां (Future Prospects and Challenges): बीसलपुर बांध का समय पर भरना आगामी सूखे जैसी चुनौतियों से निपटने में सहायक होगा। हालांकि, जल संसाधन विभाग ईसरदा बांध (Isarda Dam) जैसे डाउनस्ट्रीम प्रोजेक्ट्स में पानी की नियंत्रित निकासी पर भी नजर रख रहा है ताकि किसी भी तरह के नुकसान से बचा जा सके। यह बांध जयपुर, अजमेर और टोंक की बढ़ती आबादी की पानी की मांग को पूरा करने के लिए भी महत्वपूर्ण है। पीएचईडी (PHED) द्वारा दूसरी बीसलपुर पाइपलाइन परियोजना (second Bisalpur pipeline project) शुरू करने की बात भी चल रही है, जिससे भविष्य में पानी की आपूर्ति क्षमता और बढ़ेगी।