जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) का उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा: स्वास्थ्य कारण और इसके निहितार्थ

आज, 21 जुलाई 2025 को, भारतीय राजनीति में एक अप्रत्याशित और महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिला। भारत के 14वें उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति, श्री जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह चौंकाने वाला कदम ऐसे समय में आया है जब संसद का मॉनसून सत्र अभी-अभी शुरू हुआ है। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित अपने त्यागपत्र में स्वास्थ्य संबंधी कारणों (health reasons) और चिकित्सकीय सलाह (medical advice) का हवाला दिया है, जिससे देश भर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
इस्तीफे का कारण और समय (Reason and Timing of Resignation): उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने इस्तीफे में स्पष्ट रूप से कहा है कि उन्होंने अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 67(क) (Article 67(a)) के तहत राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंपा, जिसे तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया है। यह इस्तीफा तब आया है जब उनका कार्यकाल अगस्त 2027 तक था, यानी वह अपना पूरा कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए। मॉनसून सत्र के पहले दिन ही यह घोषणा होना राजनीतिक गलियारों में खास तौर पर चर्चा का विषय बन गया है। गौरतलब है कि मार्च महीने में उन्हें दिल संबंधी दिक्कतों के चलते एम्स में भर्ती भी कराया गया था, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनसे मुलाकात की थी।
आगे क्या? राज्यसभा और नए उपराष्ट्रपति का चुनाव (What Next? Rajya Sabha and Election of New Vice President): जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद, राज्यसभा के उपसभापति (Deputy Chairman of Rajya Sabha), वर्तमान में हरिवंश नारायण सिंह, सदन की कार्यवाही का संचालन करेंगे। यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी जब तक देश को नया उपराष्ट्रपति नहीं मिल जाता।
नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया:
- संविधान के नियम: संविधान के अनुसार, यदि उपराष्ट्रपति का पद कार्यकाल समाप्त होने से पहले रिक्त हो जाता है, तो इस रिक्ति को भरने के लिए जल्द से जल्द चुनाव कराया जाना चाहिए।
- चुनाव मंडल (Electoral College): उपराष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचक मंडल (electoral college) द्वारा किया जाता है, जिसमें संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के सभी सदस्य (निर्वाचित और मनोनीत) शामिल होते हैं।
- योग्यताएं: उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए भारत का नागरिक होना, 35 वर्ष की आयु पूरी कर चुका होना, और राज्यसभा के सदस्य के रूप में चुने जाने की योग्यता रखना अनिवार्य है।
- मतदान प्रणाली: मतदान आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली (proportional representation system) के अनुसार एकल संक्रमणीय मत (single transferable vote) द्वारा होता है और मतदान गुप्त होता है।
अब सबकी निगाहें चुनाव आयोग और सरकार पर टिकी हैं कि वे अगले उपराष्ट्रपति के चुनाव की तारीखों की घोषणा कब करते हैं।