New Labour Codes 2025: Salary, Gratuity और Working Hours में बड़े बदलाव
केंद्र सरकार ने श्रम कानूनों में बदलाव को बड़ा और ऐतिहासिक कदम बताया है। सरकार का कहना है कि ये नए Labour Codes मजदूरों और कंपनियों दोनों के लिए नई शुरुआत हैं।इन बदलावों से कामगारों की सुरक्षा, हक और सुविधाओं को और मजबूत बनाया गया है। अब नियम इतने आसान हो गए हैं कि आम मजदूर भी समझ सके कि उसका हक क्या है और उसे क्या फायदा मिलेगा।
कब से लागू हुए नए लेबर कोड?
सरकार ने 21 नवंबर 2025 से चार नए लेबर कोड लागू किए हैं। इनके आने के बाद 29 पुराने श्रम कानूनों को हटा दिया गया है। पुराने 29 लेबर कानून हटाकर इन्हें चार आधुनिक कोड्स में बदला गया है.
Wage Code
Industrial Relations Code
Social Security Code
Occupational Safety & Working Conditions Code
इन बदलावों का असर लगभग हर employee और employer पर पड़ेगा।

1. Salary Structure में सबसे बड़ा बदलाव — Basic Salary = CTC का 50%
नए नियम के अनुसार Basic Salary और DA मिलाकर कम से कम CTC का 50% होना अनिवार्य है।
पहले कई कंपनियाँ Basic को कम रखकर allowances बढ़ा देती थीं, जिससे PF और Gratuity कम हो जाती थी। अब यह संभव नहीं होगा।
इस बदलाव का असर
• Basic salary बढ़ेगी
• Allowances कम होंगे
• PF contribution बढ़ेगा
• Gratuity भी बढ़ेगी
• Take-home salary कुछ कम हो सकती है
यह short-term में अलग महसूस हो सकता है, लेकिन long-term में employee की financial security मजबूत होगी।
2. Salary Calculator Example: CTC ₹7 लाख, ₹10 लाख और ₹15 लाख पर असर
नीचे दिए गए examples यह समझने में मदद करेंगे कि Basic Salary को CTC के 50% तक बढ़ाने पर PF, Gratuity और Take-Home Salary में क्या बदलाव आता है।
ये examples केवल understanding के उद्देश्य से हैं, ताकि employees और employers आसानी से फर्क समझ सकें।
Example 1: CTC ₹10,00,000 — Old vs New Structure
Old Structure: Basic = 40% of CTC
New Structure: Basic = 50% of CTC
Annual Salary Comparison (₹10 Lakh CTC)
| Pay Component | Old (INR) | New (INR) |
|---|---|---|
| Basic Pay | 4,00,000 | 5,00,000 |
| House Rent Allowance (50% of Basic) | 2,00,000 | 2,50,000 |
| Employer PF Contribution | 48,000 | 60,000 |
| Gratuity (4.81% of Basic) | 19,240 | 24,050 |
| Special Allowance | 3,32,760 | 1,65,950 |
| Employee PF Contribution | 48,000 | 60,000 |
| Take-Home Salary (Approx) | 8,84,760 | 8,69,490 |
Gratuity Impact After 7 Years of Service
| Particulars | Old | New |
|---|---|---|
| Monthly Wages for Gratuity | 33,333 | 59,790 |
| Total Gratuity Amount | 1,34,610 | 2,41,460 |
Conclusion:
• In-hand salary में मामूली कमी
• Gratuity में बड़ा फायदा
• PF contribution बढ़ने से long-term corpus मजबूत
Example 2: CTC ₹12,00,000 — Old vs New Structure
| Particulars | Old (INR) | New (INR) |
|---|---|---|
| Basic Salary | 2,80,000 | 3,50,000 |
| PF @12% of Basic | 33,600 | 42,000 |
| Gratuity @4.81% of Basic | 13,468 | 16,835 |
| Take-Home Salary | 6,52,932 | 6,41,165 |
Observation:
Higher basic pay increases PF + Gratuity contributions, resulting in slightly lower take-home each month.
Example 3: CTC ₹15,00,000 — Old vs New Structure
| Particulars | Old (INR) | New (INR) |
|---|---|---|
| Basic Salary | 6,00,000 | 7,50,000 |
| PF @12% of Basic | 72,000 | 90,000 |
| Gratuity @4.81% of Basic | 28,860 | 36,075 |
| Take-Home Salary | 12,78,642 | 12,65,228 |
Interpretation:
• Basic बढ़ने से statutory benefits मजबूत
• Take-home slightly reduces, but retirement benefits grow substantially
3. Gratuity अब सिर्फ 1 साल में
Fixed-Term Employees के लिए बड़ा सुधार किया गया है।
पहले ग्रेच्युटी पाने के लिए 5 साल नौकरी जरूरी थी।
अब निश्चित अवधि (Fixed-Term) वाले employees को लगातार 1 साल काम करने पर भी gratuity मिलेगी।
यह IT, startups, contract roles और project-based jobs में काम करने वालों के लिए बड़ी राहत है।
4. Working Hours और Overtime के नियम
नए Labour Codes में काम के नियम सरल किए गए हैं।
• एक दिन में अधिकतम 12 घंटे
• एक हफ्ते में कुल 48 घंटे
• Overtime का भुगतान सामान्य वेतन का दो गुना
• Appointment Letter देना सभी employers के लिए जरूरी
Appointment Letter में salary, duties, leaves और work conditions स्पष्ट रूप से लिखे होंगे। इससे नौकरी में पारदर्शिता बढ़ेगी।
5. Women Employees के लिए सुधार
महिला कर्मचारियों के लिए नए सुधारों में
• Equal pay for equal work
• Night shift में काम की अनुमति (पूरा सुरक्षा प्रबंध जरूरी)
• शिकायत निवारण समिति
• Maternity benefits और मजबूत किए गए हैं
इन बदलावों से women workforce की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।
6. Gig Workers और Platform Workers को पहली बार सुरक्षा
Food delivery, cab services, freelancing जैसे gig workers अब Social Security के दायरे में आ गए हैं।
इन्हें accident insurance, health benefits, pension support और unique registration ID मिलेगा।
कई gig workers के लिए यह पहली बार है जब उन्हें formal सुरक्षा मिल रही है।
7. Health और Safety पर जोर
नए नियमों में कर्मचारियों की सेहत पर अधिक ध्यान दिया गया है।
• 40 वर्ष से ऊपर के कर्मचारियों का वार्षिक health check-up
• Hazardous industries के लिए कड़े सुरक्षा नियम
• Contract employees को भी health सुविधाएँ
इसके साथ social security का दायरा काफी बढ़ाया गया है।
8. Employees पर असली असर
Short-term में
• In-hand salary कम
• Monthly budget में बदलाव की आवश्यकता
Long-term में
• PF और Gratuity ज्यादा
• Social security मजबूत
• नौकरी अधिक सुरक्षित
• Retirement planning आसान
9. Employers के लिए जरूरी बदलाव
Companies को
• Salary structure दुबारा बनाना
• Payroll systems अपडेट करना
• Employees को बदलाव समझाना
• Appointment letters देना
• Working hours और Overtime compliance ठीक रखना
नियमों का पालन न करने पर penalties भी लग सकती हैं।
नए Labour Codes की सीधी समझ यह है कि आज की salary थोड़ी कम लेकिन भविष्य की financial security बहुत अधिक होगी। यह बदलाव कर्मचारियों को उनका हक दिलाते हैं, gig economy को मजबूत करते हैं, women workforce को अधिक अवसर देते हैं और कंपनियों के लिए एक स्पष्ट, आधुनिक और transparent framework तैयार करते हैं।
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