US – INDIA Trade Deal : IT और एक्सपोर्ट कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त उछाल
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। अमेरिका में कारोबार करने वाली भारतीय कंपनियों और एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड सेक्टर्स में आज जोरदार तेजी देखने को मिली। खासकर IT और ऑटो एंसिलरी शेयरों ने जबरदस्त रैली दिखाई। बाजार की चाल और सरकारी बयानों को देखकर ऐसा लग रहा है कि Indo-US ट्रेड डील अब दूर नहीं है।
IT सेक्टर में जबरदस्त उछाल
निफ्टी IT इंडेक्स आज करीब 3% की तेजी के साथ बंद हुआ — पूरे बाजार में यह सबसे मजबूत सेक्टर रहा।
Infosys, HCL Tech, LTTS, LTI Mindtree, TCS, Persistent जैसे लगभग सभी बड़े IT स्टॉक्स टॉप गेनर्स में शामिल रहे।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील होने से IT कंपनियों को दो बड़े फायदे होंगे:
US क्लाइंट स्पेंडिंग में बढ़ोतरी
फेड रेट कट के बाद अमेरिका में discretionary spending बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा फायदा भारतीय IT कंपनियों को मिलेगा।टैरिफ और ऑपरेशन अनिश्चितता में कमी
ट्रेड डील से एक्सपोर्ट प्रक्रियाएं सरल होंगी और IT सर्विसेज पर अप्रत्यक्ष दबाव कम होगा।
दूसरी छमाही (H2 FY25-26) में IT सेक्टर की ग्रोथ सुधरने की उम्मीद जताई जा रही है।
एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड कंपनियों में भी तेजी
ऑटो एंसिलरी और टेक्सटाइल कंपनियों के शेयरों में भी आज अच्छी रैली देखने को मिली। कई भारतीय कंपनियों की 30–40% बिक्री अमेरिका से होती है, इसलिए ट्रेड डील इन पर सीधा सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।
आज जिन कंपनियों में मजबूत खरीदारी देखी गई:
Motherson Sumi
Bharat Forge
Sona BLW
Avanti Feeds
Vardhman Textiles
इसके अलावा श्रिम्प एक्सपोर्ट और टेक्सटाइल सेक्टर के शेयर भी गनर्स में रहे।
भारत ने रूस से कच्चे तेल पर निर्भरता घटाई
इसी बीच भारत ने रूस से कच्चे तेल के इंपोर्ट में बड़ी कटौती की है और अब अमेरिका से 15 अरब डॉलर तक का तेल खरीदने के लिए तैयार है।
वर्तमान में लगभग $60 अरब के गुड्स पर 50% तक की ड्यूटी लग रही है, जिसे ट्रेड डील के बाद कम किया जा सकता है।
यह बदलाव US-India वार्ता में बड़ा सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
ट्रेड डील की पुष्टि सरकारी संकेतों से
कल वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बयान दिया कि:
“भारत-US ट्रेड डील पर जल्द अच्छी खबर मिलेगी। यह एक न्यायसंगत और संतुलित समझौता होगा।”
इस बयान के बाद बाजार में उम्मीदें और मजबूत हो गईं।
क्या इसका फायदा निवेशकों को मिलेगा?
अगर Indo-US ट्रेड डील होती है, तो सबसे ज्यादा फायदा इन सेक्टर्स को होगा:
IT एवं सॉफ्टवेयर सर्विसेज
ऑटो एंसिलरी कंपनियां
टेक्सटाइल और श्रिम्प एक्सपोर्टर्स
केमिकल और फार्मा एक्सपोर्टर्स
लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह सेक्टर्स अच्छे अवसर दे सकते हैं, खासकर बड़े और फंडामेंटली स्ट्रॉन्ग स्टॉक्स में।
